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किसानों को राहत देने के लिए धान खरीद में हुए कुछ खास बदलाव, हर एक किसान होगा लाभान्वित, सुनिए जिम्मेदारों की जुबानी

आकाश शुक्ला, ब्यूरो

हरदोई।जिले में एक अक्टूबर से शुरू हुई सरकारी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित हो चुका है।इस बार जिले में पूर्व की अपेक्षा एक लाख एमटी से अधिक की खरीद की जाएगी।इसी के साथ पूर्व में किसानों के अनाज खरीद के आड़े जो समस्याएं आती थी उनको भी अब काफी हद तक निस्तारित कर दिया गया है।टोकन प्रक्रिया को अब पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है।जैसा कि पहले किसानों को टोकन लेने के बाद भी कई दिनक तक इंतजार करना पड़ता था अब वैसा नही होगा।अब टोकन कटने के बाद किसानों को दिन व समय भी उसी में मिल जाएगा।जिसके आधार पर उस निर्धारित दिन व समय पर उन्हें केंद्र पर पहुंच के खरीद करवानी होगी।इससे बिचौलिया प्रथा पर भी रोक लग सकेगी और किसानों को उनकी फसल के वाजिब दाम भी हासिल हो पाएंगे।

प्रदेश में 15 लाख एमटी तो हरदोई में 1 लाख एमटी बढ़ा खरीद का लक्ष्य:

हरदोई जिले में एक अक्टूबर से शुरू हुई धान खरीद में इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य भी अब निर्धारित कर दिया गया है।इस बार जिले में संचालित 91 सरकारी क्रय केंद्रों पर लगभग 2 लाख 35 हज़ार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जबकि पिछले वित्तीय वर्ष ये लक्ष्य 1 लाख 35 हज़ार का था।वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो इस बार का लक्ष्य 70 लाख एमटी के आस पास का है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष ये लक्ष्य 55 लाख एमटी का था।वहीं अभी तक लक्ष्य महज कुछ फीसदी ही पूरा हो सका है।आज की तारीख तक जिले में 210 एमटी ही खरीद की जा सकी है।ऐसे में लक्ष्य कब तक और कितनी तेज़ी के साथ पूरा होगा ये देखने वाली बात जरूर होगी।आज हरदोई जिले में आये संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएससी) संतोष कुमार ने आज यहां के सेंटरों का निरीक्षण किया और प्रमुख सचिव के साथ हुई वीसी में भी हरदोई से ही सभी अधिकारियों के साथ प्रतिभाग किया।

टोकन प्रक्रिया में नही आएगी समस्या:

अभी तक खरीद करने की प्रक्रिया अर्धपूर्ण ढंग से ही ऑनलाइन हुई थी।जिसमें किसानों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।तो अब इस टोकन प्रक्रिया को पूर्ण रूप से ऑनलाइन कर दिया गया है।जिसके चलते अब किसान टोकन कटवाने के बाद उसमें दिए गए एक निश्चित दिन व निश्चित समय पर जाके खरीद करवा सकेंगे।वहीं अगर उस निर्धारित दिन व समय पर किसान नहीं पहुंचेंगे तो उनका टोकन निरस्त हो जाएगा और पुनः उसे रिन्यू करवाना पड़ेगा।फिलहाल अब इस प्रक्रिया के ऑनलाइन होने के बाद अब किसान ये आरोप नहीं लगा सकेंगे कि उन्हें टोकन मिलने के बाद भी उनके अनाज की खरीद नही की गई।

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