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अदालत से क्लीन चिट मिलने के बाद एक बार फिर राजनीतिक रण में हुई सपा नेता सुभाष पाल की वापसी से राजनीतिक सरगरमी बढ़ी, देखें वीडियो

आकाश शुक्ला, ब्यूरो

हरदोई। जिला प्रशासन द्वारा जिला बदर किए गए बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी रहे सुभाष पाल आज मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा, उनके विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही को उच्च न्यायालय ने खत्म कर दिया है। साथ ही गुण्डा एक्ट की एफआईआर भी निरस्त कर दी है। यह प्रदेश की दमनकारी भाजपा सरकार के मुंह पर तमाचा है। लेकिन, इसके बाद भी भाजपा के जिले के वरिष्ठ नेता जेल भेजने की साजिश कर रहे हैं, ताकि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकें।सपा नेता सुभाष पाल ने आज सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव ‘पम्मू’ के साथ होटल बसंत लीला में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सुभाष ने कहा, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव की कमान उन्हें और पम्मू को सौंपी थी। पार्टी प्रत्याशी मुन्नी देवी की जीत तय थी। इसे भाजपा भी समझ चुकी थी। इससे भयभीत भाजपा नेताओं के दबाव में प्रशासन ने बेबुनियाद आधार पर गुण्डा एक्ट की कार्यवाही कर छह माह के लिए जिला बदर कर दिया। साथ ही पैतृक व व्यावसायिक संपत्तियों को सीज कर दिया। भाजपा षड़यंत्र में कामयाब रही और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीत लिया। लेकिन, उच्च न्यायालय ने उनके साथ न्याय किया और जिला बदर खत्म करने के साथ गुण्डा एक्ट की एफआईआर निरस्त कर दी।सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे पद्मराग सिंह यादव ‘पम्मू’ ने कहा पूरी पार्टी सुभाष पाल के साथ खड़ी है और सभी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पम्मू ने बसपा नेता डॉ0 अनुपम दुबे की जमकर खैरख्वाही की। कहा, पिछले विधानसभा चुनाव में क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी रहे दुबे की सपा से नजदीकी बढ़ रहीं थीं, इसीलिए उनके विरुद्ध रासुका की कार्यवाही भाजपा सरकार ने की। बोले, क्षेत्र के ब्राह्मण वर्ग के प्रधान व पूर्व प्रधान जेल में दुबे से मिलने जाते हैं तो प्रशासन उन्हें धमकाता है। मिलाई करने वालों के घर पुलिस पहुंच रही है और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देती है। पम्मू ने कहा, हरदोई और फर्रुखाबाद के प्रशासन को खुली चुनौती है, वह अनुपम दुबे से मिलने जेल जाएंगे, जो करना हो कर ले। देखेंगे, कितनों पर कितने मुकदमे लिखे जाएंगे।

 

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